BREAKING NEWS -
Rtn. Naveen Gupta: +91-9811165707 Email: metroplus707@gmail.com

कृष्णा स्वामी महाराज आज कन्या भ्रूण हत्या, सफाई, जातपात, छूट अछूत के मुद्दो को रामायण में उठा रहे है सीमा त्रिखा

सत्य की लडाई में भगवान हमेशा साथ व जीत दोनों देते हैं : कृष्णा स्वामी जी महाराज
जस्प्रीत कौर
फरीदाबाद, 10 अक्तूबर
: कृष्णा स्वामी महाराज ने कहा कि देव गुरू बृहस्पति सेवक ट्रस्ट द्वारा बल्लभगढ़ की अग्रवाल धर्मशाला में चल रही भव्य रामकथा में कथा के अंतिम दिन उस समय सभी भक्त भाव विभोर हो गए जब फूलों की बरसात के बीच गुरु ने भगवान राम का राज्य अभिषेक किया तथा भगवान राम के साथ सीता माता सिंहासन पर विराजमान हुए।
इससे पूर्व रामकथा का गुणगान करते हुए संत कृष्णा स्वामी महाराज ने कहा कि मेघनाथ व लक्ष्मण दोनों ही इंद्रजीत थे तथा दोनों की पत्नी भी पूर्णरूप से पतिव्रता थी, दोनो की शक्ति समान थी, फिर भी लक्ष्मण बाण लगने पर मूर्छित हुए और फिर जीवित हो गए ओर मेघनाथ का वध हो गया। यह इस बात का प्रमाण है कि जो सत्य के साथ होता है वह यदि एक क्षण के लिए हार भी जाए तो स्वयं भगवान उसके लिए विलाप कर उसको जीवित करते हैं और जो असत्य तथा गलत होता है उसका अंत निश्चित है।
स्वामी महाराज ने कहा कि देव गुरू बृहस्पति सेवक ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह रामकथा अपने आम में अतुलनीय है तथा उनको विश्वास है कि संस्था लगातार इस प्रकार के आयोजन कराती रहेगी। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का महत्व तभी है जब हम यहां से कथा को सुनने के साथ-साथ उसको अपने जीवन में अपनाने की शपथ भी लेकर जाएं। कथा में उपस्थित हजारों श्रदालुओं को सम्बोधित करते हुए पुलिस संयुक्त आयुक्त संजय सिंह ने कहा कि रामकथा हमेशा से सार्थक व प्रभावी रही है जिस प्रकार से संत कृष्णा स्वामी रामकथा का गुणगान कर रहे हैं वह अपने आम में अलग है तथा इस कथा की व्यवस्था के लिए वह देव गुरु बृहस्पति सेवक ट्रस्ट को बधाई देते हैं।
इस मौके पर संजय सिंह ने कहा कि आज हम यहां पर राम कथा सुनने के साथ-साथ यह प्रण लेकर जाएं कि हम इसको अपने जीवन में भी अपनाएंगें। उन्होंने कहा कि रामकथा को यदि मानव अपने जीवन में अपना ले तो पुलिस का काम काफी कम हो जाएगा।
उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुए बडख़ल क्षेत्र से विधायक तथा प्रदेश की मुख्य संसदीय सचिव सीमा त्रिखा ने कहा कि इस आयोजन की जितनी तारीफ की जाए उतना कम हैं क्योंकि यह आयोजन चरित्र निर्माण का वही कार्य कर रहा है जिसमें कि वर्तमान की मनोहर लाल सरकार लगी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भी आज उन्हीं मुद्दो पर काम कर रही है जिनको संत कृष्णा स्वामी महाराज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृष्णा स्वामी महाराज आज कन्या भ्रूण हत्या, सफाई, जातपात, छूट अछूत के मुद्दो को रामायण में उठा रहे हैं और उन्हीं मुद्दों को उनकी सरकार उठा रही है इस कारण उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि रामकथा में साफ है कि दूसरों की सेवा ही धर्म है और इसी कारण उनका कहना है कि धर्म को सेवा का जरिया रखना चाहिए कमाई का नहीं। उन्होंने इस आयोजन के लिए देव गुरु बृहस्पति सेवक ट्रस्ट को बधाई दी।
इस मौके उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए युवा कांग्रेसी नेता तथा पूर्व मंत्री महेन्द्र प्रताप सिंह के पुत्र विजय प्रताप सिंह ने कहा कि इस कथा को सुन कर उनको एक विश्वास हो गया है कि सफाई की हमेशा जीत होती है कुछ समय बीच में सगों लोगों के लिए परेशानी के आते हैं पर फिर सफाई ही आगे आती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन निरंतर होने चाहिए तथा इससे समाज निर्माण का कार्य होता है। इस मौके पर प्रदेश भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व सिद्वपीठ महारानी वैष्णो देवी मंदिर संस्थान एक नम्बर के अध्यक्ष जगदीश भाटिया ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से लोगों को राम व धर्म के महत्व की जानकारी मिलती है। उनका कहना है कि समाज को नई दिशा देने के लिए यह आयोजन जरुरी हैं।
युवा निगम पार्षद योगेश ढींगडा ने इस मौके पर आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की कथा उन्होंने पहले कभी नहीं सुनी तथा उनका यह प्रयास होगा कि इस तरह का आयेाजन जल्द ही फरीदाबाद में भी कराया जाए। इस मौके पर समाजसेवी तथा कांग्रेस मीडिया सेल के पूर्व चेयरमैन मनोज गुप्ता, एसआरएस के निदेशक नानक चंद तायल, नानक चंद बंसल, किशन चंद धोजिया, इंद्रमल किशन चंद से किशन चंद, प्रहलाइ फतेहपुरिया, कैलाश धौजिया, नंदा प्रधान, रुप चंद गुप्ता डाबर वालों, एमटीसी ग्रुप के निदेशक विनोद मित्तल, संदीप मित्तल, संजीव मित्तल, प्रदेश कांग्रेस के सचिव सत्यवीर डागर, प्रसिद्व अधिवक्त राम कुमार गुप्ता, नवभारत टाईम्स से ओमदेव शर्मा, दैनिक भास्कर से योगेश अग्रवाल, हडौती अधिकार से उत्तमराज, वरिष्ठ पत्रकार जगन्नाथ गौतम, विजय पाल सरंपच, सुभाष कटारिया, विजय चौहान, वाईके महेश्वरी, निगम के अधिशासी अभियंता रमेश बंसल प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
7

8

5




Leave a Reply

Your email address will not be published.