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अतिक्रमण करने और सरकारी जमीन से किराया लेने वालों की अब खैर नहीं, निगमायुक्त ने दिया अल्टीमेटम। जानें क्या?

अवैध निर्माण या तो कम्पाऊंड होंगे या फिर तोड़े जाएंगे!
जनरेटर वालों के होंगे चालान।
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad News, 1 दिसंबर:
शहर को पानी, स्ट्रीट लाईट, साफ-सुथरी सड़कें, स्वच्छ वातावरण तथा सरकारी जमीनों तथा बाजारों से अतिक्रमणमुक्त करना हमारी पहली प्राथमिकता है। यह कहना है निगमायुक्त यशपाल यादव का। वे यहां नगर निगम के कान्फ्रेंस हाल में शहर को पानी सड़क और स्वच्छ वातावरण देने तथा अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर निगम अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त के अलावा सभी संयुक्त आयुक्त, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
बैठक में निगमायुक्त यशपाल ने अधिकारियों को कहा कि जो शहर का मास्टर प्लान है, उसके हिसाब से साफ-सुथरी चौड़ी सड़कें होनी चाहिए और सरकारी जमीनों पर जिन्होंने अतिक्रमण कर रखा है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने बैठक में निगम अधिकारियों से कहा कि जो दुकानदार अपनी दुकान के आगे रेहड़ी आदि लगाकर यानि सरकारी जमीन का किराया ले रहे है, उनको तीन दिन का नोटिस दो और उनकी वीडियों बनाओ और यदि उसके बाद भी वह दुकानदार नहीं मानते है तो उनकी दुकानों को सील करने की कार्यवाही अमल में लाई जाए। दिसंबर माह के बाद जनवरी में जब सभी निगम अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा होगी तो जिस भी जेई के वार्ड में अतिक्रमण दिखेगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
निगमायुक्त यशपाल यादव ने बैठक में निगम अधिकारियों को यह भी सख्त निर्देश दिए कि वायु प्रदूषण को देखते हुए जिन दुकानदारों ने जनरेटर लगा रखे, कुछ होटल वालों ने भट्टिया तथा तंदूर लगा रखे है सबको तीन दिन का समय दो और यदि फिर भी यह नहीं मानते तो उनके खिलाफ कार्यवाही करो और चालान काटो।


बैठक में निगमायुक्त न साफ तौर पर कहा कि अवैध निर्माण वालों में जिनका नक्शा पास है नगर निगम के जेई की जिम्मेदारी है कि मौके पर जाकर निर्माण कार्य को देखे कि वह नक्शे के अनुरूप बना रहा है या नहीं। अगर नक्शा पास नहीं है और निर्माणकर्ता निगम को कम्पाउंड कराने की फीस देता है तो ठीक है और अगर कम्पाउंड फीस नहीं देता तो इमारत को सील कर दो या फिर तोड़ दो।
निगमायुक्त यशपाल यादव ने बैठक में निगम अधिकारियों को निगम क्षेत्र में जितने भी टयूबवैल ऑपरेटर कार्यरत है उनकी जांच करने के निर्देश दिए ताकि यह पता चल सके उक्त टयूबवैलों पर नगर निगम के कर्मचारी हैं या नही। इसके अलावा सरकार द्वारा कर्मचारियों को जो मकान किराया भत्ता मिलता है उसकी जांच करने और जो सरकारी मकान में रह रहे हैं उनके भत्ते काटने के भी निर्देश दिए।
निगमायुक्त यशपाल यादव ने मीटिंग में कार्यकारी अभियन्ताओं और कनिष्ठ अभियन्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि जो कार मार्किट है जिनकी कारें डम्प पड़ी हुई है और कई सालों से खराब पड़ी हुई है जिनकी वजह से दोनों तरफ सड़कों पर अतिक्रमण हो रखा है उनको सड़कों से हटाने के आदेश दिए और अगर दुकानदार खुद नही हटाते तो कबाड़ी बुलाकर बेचने के आदेश दिए।
निगमायुक्त ने मीटिंग में निगम अधिकारियों को साफ तौर से कहा कि शहर में जितने भी पानी और सीवर के अवैध कनैक्शन चल रहे है उनको काटा जाए और अवैध कनैक्शनधारकों को पानी और सीवर के कनैक्शनों को वैध कराने के लिए भी कहा।
निगमायुक्त यशपाल यादव ने मीटिंग में निगम अधिकारियों को इन सभी कार्यो को करने के लिए एक माह की समय अवधि दी है और सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि उक्त सभी कार्य एक माह की अवधि में किए जाए जिन भी अधिकारियों ने कार्य करने में कोई भी कोताही बरती उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।




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