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माता पिता की सेवा करने से अपार सुख प्राप्त होता है: दीपक यादव

विद्यासागर इन्टरनेशनल स्कूल में मनाया गया मदर्स डे
सोनिया शर्मा
फरीदाबाद, 9 मई: ‘सबसे बड़ी पूजा है माता-पिता की सेवाÓ जब इन गीतों के बोल मदर्स डे  समारोह के अवसर पर विद्यासागर इन्टरनेशनल स्कूल में गूंजे तो वहां उपस्थित अभिभावकों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के आंखों में आंसू देखने को थे। स्कूल में मदर्स डे पर आयोजित समारोह में बच्चों ने माता पिता को विभिन्न प्रकार के गीत, नाटक आदि का आयोजन कर आये हुए दर्शकों सहित स्कूल स्टॉफ को भाव-विभोर कर दिया और इन सभी कार्यक्रमों की उपस्थित लोगों ने जमकर प्रशंसा की।
इस अवसर पर स्कूल के डॉयरेक्टर दीपक यादव ने कहा कि माता पिता की सेवा करने से अपार सुख प्राप्त होता है और अपने माता पिता की सेवा एवं आदर करना प्रत्येक बच्चे का कर्तव्य बनता है। उन्होंने कहा कि आज मदर्स डे के अवसर पर हम सभी को इस बात का प्रण करना चाहिए कि हमें अपने से बड़ों एवं माता पिता का आदर व सत्कार करना है एवं उनके बताये हुए मार्गों पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाना है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए स्कूल के चेयरमैन धर्मपाल यादव ने कहा कि माता-पिता का आदर करने वाला व्यक्ति कभी अपने जीवन में असफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आज के इस वैज्ञानिक युग में हम अपने बड़ों एवं उनके बतायी हुई पर परम्परा को भूल चुके हैं जिसका हमें काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि माता पिता का एक ही स्वप्न होता है कि हमारा बच्चा बड़ा इंसान बने, डाक्टर बने, इंजीनियर बने और उसके लिए वह अपना सब कुछ दांव पर लगा देते है, परंतु आज कुछ बच्चे इस बात को भूल कर अपने माता पिता का आदर नहीं कर रहे है जो कि उनके लिए हानिकारक सिद्ध होगा। इसीलिए सबसे पहले अपने माता पिता का आदर करो और अपने जीवन को सफल बनाने का प्रयास करो क्योंकि उनका आशीर्वाद एक पवित्र और पाक आशीर्वाद है जो कि कभी भी बेकार नहीं जायेगा।
एकेडमिक डॉयरेक्टर सीएल गोयल ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि मां बच्चे की प्रथम गुरु है। जीवन में बच्चे मां के स्वभाव का ही अनुकरण करते हैं। इसलिए उन्होंने अभिभावकगणों से बच्चों के साथ संतुलित व्यवहार करने का आग्रह किया।
प्रधानाचार्य शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि स्कूल में उपस्थित अनुभवी स्टाफ इस बात का खासकर ध्यान रखता है कि हमारे स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चा जहां पढ़ाई में कैसा है वही उसके स्वभाव भी देखते हे और उसके स्वभाव में वह किस तरह से व्यवहार करता है उसको हम सुधारने का प्रयास करते है क्योंकि जिन अभिभावकों ने उन्हें हमारे पास भेजा है उनकी उम्मीदों पर हमें भी खरा उतरना है।IMG-20150509-WA0036 IMG-20150509-WA0008




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