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वाईएमसीए के कुलपति डॉ० दिनेश कुमार प्रधानमंत्री मोदी द्वारा होमी जे.भाभा स्मृति पुरस्कार से नवाजे गए

नवीन गुप्ता
फरीदाबाद, 5 जनवरी:
वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० दिनेश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी ने होमी जे.भाभा स्मृति पुरस्कार से नवाजा। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले डॉ० दिनेश कुमार हरियाणा के पहले वैज्ञानिक तथा राज्य में किसी भी विश्वविद्यालय के पहले कुलपति है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मैसूर में 3 से 9 जनवरी तक आयोजित की जा रही 103वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के उद्वघाटन समारोह के दौरान डॉ० कुमार को पुरस्कार प्रदान किया। डॉ० दिनेश कुमार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जिसके तहत स्वर्ण पदक दिया जाता है, देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास, विशेष रूप से माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग एवं सेमीकंडक्टर फिजिक्स के क्षेत्र में अनूठे योगदान के लिए प्रदान किया गया है। 103वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय भारत में स्वदेशी विकास के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रहा है। जोकि प्रधानमंत्री मोदी के मेक इन इंडिया की तर्ज पर है।
होमी जहांगीर भाभा स्मृति पुरस्कार प्राप्त करने के उपरांत डॉ० दिनेश कुमार ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया तथा डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रम देश में स्वदेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयत्नशील प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करना सम्मान एवं सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जैसे स्किल इंडिया डिजिटल इंडिया स्वच्छता अभियान तथा मेक इन इंडिया में अहम् भूमिका निभा सकते है तथा एक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में वे सरकार के कार्यक्रमों की सफलता में अपना योगदान देंगे। उनका प्रयास है कि वाईएमसीए विश्वविद्यालय अनुसंधान गतिविधियों को मिले और देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में विश्वविद्यालय अपनी अहम् भूमिका निभाये। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मार्च माह में विश्वविद्यालय की मेक इन इंडिया में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है।
होमी जहांगीर भाभा स्मृति पुरस्कार:
होमी जहांगीर भाभा स्मृति पुरस्कार देश के उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान (विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग के क्षेत्र में) किया हो। ये प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रति द्विवर्ष दिया जाता है। अब से पहले परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ० अनिल काकोदकर तथा डॉ० पीके अययगर आईआईटी चेन्नई के पूर्व निदेशक डॉ० आर नटराजन तथा डीआरडीओ प्रयोगशाला के निदेशक डॉ० सतीश रेड्डी जैसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिक अपनी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ:
भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ इस्काद भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय की एक व्यावसायिक संस्था है जिसकी स्थापना सन् 1914 में दो ब्रिटिश रसायनज्ञों प्रोफेसर जेएल सिमनसेन तथा प्रोफेसर पीएस मैकमोहन द्वारा भारत में विज्ञान के विकास के लिए की गई थी। समिति द्वारा वार्षिक होमी जे भाभा स्मृति पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1989 में महान भारतीय वैज्ञानिक होमी जे भाभा के सम्मान में उनकी जन्म शताब्दी पर की गई थी।
डॉ० दिनेश कुमार का परिचय:-
डॉ० दिनेश कुमार ने नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने अपने शैक्षणिक करियर की शुरूआत 1987 में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र से की। उन्हें शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे विदेशों में शोध विशेष व्यख्यान एवं विभिन्न सम्मेलनों में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस, जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रिया, इंग्लैंड, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया देशों का दौरा भी कर चुके है। वे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न वैज्ञानिक एवं अनुसंधानिक सोसाइटियों के सदस्य भी है।
डॉ० दिनेश कुमार ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी इंग्लैंड से स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधि हासिल की है। सन् 2003 में उन्हें पुन: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में शोधकार्य करने के लिए कॉमनवेल्थ छात्रवृत्ति प्रदान की गई। सेल्विन कॉलेज कैम्ब्रिज के बाई फैलो डॉ० दिनेश फ्रांस, इटली, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इंग्लैंड, अमेरिका, रूस, आस्ट्रेलिया आदि देशों में अपने शोधकार्य के सम्बन्ध में भ्रमण कर चुके हैं। माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक, वीएलएसआई प्रौद्योगिकी, नये इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता रखने वाले डॉ० दिनेश 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके है। वे कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एड टैक्नॉलोजी के निदेशक एवं एनपीमास परियोजना के संयोजक रहे चुके है। वे भारत सरकार के नैनो मिशन परियोजना कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयोजक के रूप में भी कार्य कर चुके है।
डॉ० दिनेश कुमार ने 4 नवंबर 2015 को वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद के कुलपति का कार्यभार संभाला है।
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