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आत्मा में शक्तियों का विकास व मनोबल में दृढ़ता के लिए अध्यात्म जरूरी: अनीता भारद्वाज

ब्रह्माकुमारीज आश्रम में राखी मिलन समारोह आयोजित
नवीन गुप्ता/देशपाल सौरोत
पलवल, 26 अगस्त: भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं जिले की प्रमुख समाजसेविका श्रीमती अनीता भारद्वाज ने कहा है कि आत्मा में शक्तियों का विकास, मनोबल में दृढ़ता के लिए अध्यात्म अपनाने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि मन की बीमारी से बचने के लिए मेडिकल साईंस के साथ सकारात्मक और तनावमुक्ति जीवन शैली की अति आवश्यक है तथा ब्रह्माकुमारीज संस्थान का ज्ञानयोग और राजयोग जीवन के लिए श्रेष्ठ है। श्रीमती भारद्वाज पलवल के नूंह रोड़ स्थित ब्रह्माकुमारीज आश्रम में आयोजित राखी मिलन समारोह को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहीं थीं। कार्यक्रम में काफी तादाद में बहन एवं भाई मौजूद थे। समारोह की शुरूआत श्रीमती भारद्वाज द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ की गई जबकि इस मौके भक्तिमय गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पलवल स्थित ब्रह्माकुमारीज आश्रम की संचालिका ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी राज बहनजी द्वारा की गई जबकि इस मौके पर एसडी कॉलेज के अध्यक्ष महेन्द्र कालडा, महेश शर्मा व कर्नल मामचंद भी विशेष तौर पर मौजूद थे।
भाजपा नेत्री अनीता भारद्वाज ने कहा कि जीवन का विज्ञान और साईंस सबसे महत्वपूर्ण है। जो हर किसी को जानना चाहिए तभी हम हर प्रकार की समस्याओं से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग तनाव और डिप्रेसन के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में मेडिकल साईस भी इससे जल्दी उबार नहीं पाती है इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी सोच को सकारात्मक बनायें और ऐसी बीमारियों से बचें और इस सबका सटीक इलाज अध्यात्म है। उन्होंने कहा कि योग की कमी और जीवन पद्धति में नकारात्मक बदलाव से प्रतिदिन नयी बीमारियां उत्पन्न होने लगी है। यह सत्य है कि मेडिकल चिकित्सा ने बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं। लगभग हर बीमारी का इलाज सम्भव है। परन्तु उसे जड़ से समाप्त किया जाये और बीमारियों से हमेशा बचा जाये उसके लिए जीवन में योग और अध्यात्म तथा जीवन पद्यति का बदलाव जरूरी है।
श्रीमती भारद्वाज ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि भारत तभी सम्पूर्ण विकसित हो सकता है जब गरीबी दूर करने के साथ चारित्रिक उत्थान हो। उन्होंने अध्यात्मिक ज्ञान व नये विश्व निर्माण के लिए ब्रह्माकुमारीज संस्थान के प्रयास की प्रशांसा करते हुए कहा कि इस संस्थान में चरित्र का निर्माण होता है और जिस व्यक्ति का चरित्र ऊंचा होता है वहीं महान होता है। धर्म और अध्यात्म की व्याख्या करते हुए धर्म से उपर उठते हुए सबको एक साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने सभी को राखी मिलन समारोह की बधाई देते हुए कहा कि बहन और भाई के प्यार से पवित्र और कुछ नहीं। उन्होंने बुराईयों से बचने व भाईचारे को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी, राजेन्द्र भाई, राजकुमार एडवोकेट, नरेश भाई, ममता बहन, ज्ञानचंद कथूरिया आदि भी मुख्यरूप से मौजूद थे।




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