BREAKING NEWS -
Rtn. Naveen Gupta: +91-9811165707 Email: metroplus707@gmail.com

रतन कान्वेंट स्कूल पर आरोप लगा पीडि़त अध्यापक ने की CM विंडो में शिकायत, जाने क्या है मामला?

प्राइवेट स्कूलों में अध्यापकों के शोषण का मामला पहुंचा मुख्यमंत्री के दरबार में।
मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 15 अप्रैल:
कई प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोरोना काल में अध्यापकों को नौकरी से हटाने और कईयों को तनख्वाह ना देने का मामला एक बार पुन: मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचा गया है। पीडि़त अध्यापक अकरम सैफी व रमेश कुमार ने गुरुवार को एक बार पुन: सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
शिकायत में अध्यापक अकरम ने कहा है कि इससे पहले उन्होंने 30 मार्च 2021 में रतन कान्वेंट स्कूल द्वारा उन्हें बिना नोटिस दिए, बिना किसी उचित कारण के निकाल देने पर सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद से रिपोर्ट मांगी गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने 8 अप्रैल, 2021 को उनके हित में रिपोर्ट भेज कर आगे उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की थी लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई ना होने पर उन्होंने व अन्य पीडि़त अध्यापक रमेश कुमार ने पुन: सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि स्कूल प्रबंधकों ने कोरोना काल का फायदा उठाते हुए अपने कई अध्यापकों को बिना नोटिस के, बिना किसी उचित कारण के निकाल दिया है और कईयों को पूरी तनख्वाह भी नहीं दी है, यदि दी है तो आधी अधूरी। जबकि स्कूल प्रबंधकों ने अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2021 तक की पूरी ट्यूशन फीस व अन्य फंंडों में अभिभावकों से फीस पूरी वसूल ली है। मंच का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक अध्यापकों को कम तनख्वाह देते हैं लेकिन हस्ताक्षर ज्यादा पर कराते हैं।
मंच के जिला सचिव डॉ. मनोज शर्मा ने कहा है कि मंच को अब तक अध्यापक अकरम सैफी, रमेश कुमार, सतवीर, गीता सांगवान, प्रमोद कुमार, शिव कुमार, वीरपाल, आदि कई पीडि़त अध्यापकों ने स्कूलों की इस मनमानी के बारे में जानकारी देकर मंच से मदद मांगी है।
अभिभावक एकता मंच के जिला अध्यक्ष शिव कुमार जोशी ने कहा है कि मार्च, अप्रैल 2020 में कोरोना का प्रकोप शुरू होने पर प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय ने कहा था कि अध्यापकों को ड्यूटी से ना निकाला जाए उन्हें उन्हें पूरी तनख्वाह दी जाए लेकिन कई स्कूल प्रबंधकों ने इस अपील को ठुकरा कर कोरोना काल का फायदा उठाते हुए अपने कई टीचरों व कर्मचारियों को निकाल दिया है। कई अध्यापकों से कार्य लेने के बाद अभी तक उन्हें तनख्वाह नहीं दी है।
मंच ने चेयरमैन सीबीएसई, मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर फरीदाबाद सहित प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूलों द्वारा अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2021 तक अपने अभिभावकों से वसूली गई हर प्रकार की पूरी फीस के ब्यौरे, अपने अध्यापक व कर्मचारियों को दी गई तनख्वाह व अन्य मदों में किए गए खर्चे की रकम के विवरण तथा अप्रैल 2020 से पहले स्कूलों में कितने अध्यापक व कर्मचारी कार्यरत थे और उसके बाद मार्च 21 तक कितने अध्यापक व कर्मचारियों को स्कूल के रिकॉर्ड में कार्यरत दिखाया गया है इन सब बातों की एक उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी से जांच कराने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा ने कहा है कि अगर सरकार ने मंच की इस मांग पर कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की तो इन सब बातों की जांच कराने के लिए पंजाब एंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की जाएगी।
मंच में सभी पीडि़त अध्यापक व कर्मचारियों से कहा है कि वे तुरंत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, चेयरमैन सीबीएसई व शिक्षा निदेशक हरियाणा को पत्र लिखकर स्कूलों की इस मनमानी की शिकायत सबूत के साथ व्यक्तिगत रूप से करें और उसकी एक प्रति मंच के जिला कार्यालय चेंबर नंबर 56 जिला कोर्ट फरीदाबाद में जमा कराएं जिससे उनकी मदद करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *