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अमृता अस्पताल में सस्ते और मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी या नहीं, देखिये क्या कहती हैं अम्माजी?

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फ़रीदाबाद, 23 अगस्त:
ओद्योगिक शहर फरीदाबाद को जल्द ही एक नया अस्पताल मिलने जा रहा है जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 24 अगस्त को करेंगे। इस कार्यक्रम में माता अमृतानंदमई देवी (अम्मा) भी रहेंगी। अस्पताल का नाम है अमृता अस्पताल.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अगस्त को फरीदाबाद में अमृता अस्पताल का शुभारंभ करने आ रहे हैं। इस अस्पताल के खुलने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को किफायती इलाज मिलेगा।
माता अमृतानंदमई देवी (अम्मा) ने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल में 2400 बेड्स होंगे। इनमें 534 ICU बेड भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि यह अस्पताल अमृता मठ के सहयोग से बना है जिसमें सरकार से कोई मदद नहीं ली गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि जो मरीज इलाज की कीमत देने में सक्षम नहीं होंगे, उन्हें मुफ्त या कम शुल्क पर इलाज मिलेगा। लेकिन यह निर्णय अस्पताल प्रशासन मरीज की गहन जांच-पड़ताल के बाद करेगा।
अम्मा ने बताया कि अमृता अस्पताल मौजूदा सभी कॉर्पोरेट अस्पतालों से सस्ता होगा, यहां अनावश्यक टेस्ट नहीं कराए जाएंगे। मरीजों को जेनेरिक दवाएं दी जाएंगी।
माता अमृतानंदमई देवी ने बताया कि अस्पताल परिसर कुल 133 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। इसमें निर्मित क्षेत्र 1 करोड़ वर्ग फुट है। अस्पताल में 81 किस्म के स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट्स हैं। 64 ऑपरेशन थियेयर हैं। इसमें रोबोटिक सर्जरी, शल्य क्रिया में 3D प्रिटिंग तकनीक का इस्तेमाल, भौतिक एवं पुनर्वास चिकित्सा से लेकर न्यूक्लियर मेडिसिन जैसे अत्याधुनिक विभाग भी हैं।
अस्पताल में एक रिसर्च ब्लाक भी है जो तीन हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में है। रिसर्च के लिए पहले ही हार्वर्ड, स्टेनफोर्ड, यूसी बर्कले, जॉन हापकिन्स जैसे विश्वविद्यालयों से करार हुए हैं। अस्पताल ने अभी 250 डाक्टरों की नियुक्त की है जिसमें बड़े पैमाने पर अमेरिका और ब्रिटेन से स्वदेश लौटने वाले भारतीय डाक्टर भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मेडिकल, नर्सिंग समेत पैरामेडिकल सेवाओं के कुल 28 कोर्स का संचालन किया जाएगा। अस्पताल में स्टाफ और छात्रों समेत करीब 10 आवासों का निर्माण जारी है। अस्पताल में सीधे वायुयान से मरीजों को पहुंचाने की भी सुविधा है। अस्पताल की छत पर हैलीपैड बनाया जा चुका है। अस्पताल प्रबंधन ने DGCA से लैंडिंग की अनुमति के लिए भी आवेदन किया है।
उन्होंने बताया कि मठ अस्पताल को मुनाफे के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए चलाता है। यदि कोई आय होती है तो उसे अस्पताल में ही सेवाओं के विस्तार पर लगा दिया जाता है।
निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों और गरीबों के लिए यह किसी खुशखबरी से कम नहीं है।




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