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ओवर ऐज के चलते एक इंटरनेशनल स्कूल के खिलाडिय़ों को किया मैच से बाहर: अंडर-15 क्रिकेट टैलेन्ट सर्च मैच में हो रही थी धांधली

जस्प्रीत कौर
फरीदाबाद, 10 फरवरी: भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई)तथा स्कूल स्पोर्टस प्रोमोशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में सैक्टर-11 स्थित डीपीएस स्कूल में आयोजित 8 दिवसीय क्रिकेट मैंचो में जमकर धांधली की जा रही है। एसएसपीएफ सैद उल अजब नई दिल्ली के चेयरमैन को यह एतराज दर्ज कराते हुए फौगाट स्कूल के निदेशक सतीश फौगाट ने गुजारिश की है कि सही व उचित उम्र के खिलाडिय़ों का यह मुकाबला है। इन्हीं बच्चों में से जिला टीम बनेगी और एसएसपीएफ का यह प्रयास बहुत सराहनीय है। जिला स्तर पर जिला संयोजक व स्कूल कोचों द्वारा उम्र आदि में धांधली करके उन्हे छोटी उम्र के बच्चों से मैच में भिड़ाना न्यायोचित नहीं है। ध्यान रहे कि ये मैच सम्पूर्ण भारत वर्ष में कराए जा रहे हंै।
श्री फौगाट का कहना है कि नियमानुसार खिलाड़ी स्कूल छात्र की उम्र 15 वर्ष से कम होनी चाहिए और उसके स्कूल द्वारा पूरी टीम का पंजीकरण ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। सभी महत्वपूर्ण सहायक दस्तावेज जन्म प्रमाणपत्र आदि भी ऑनलाईन अपलोड किए जाने चाहिए। फरीदाबाद जिले से भागीदारी करने वाले 6 स्कूली टीमें ऑनलाईन अपडेटिड हंै, जबकि फरीदाबाद के एक इंटरनेशनल स्कूल की टीम की इंट्री ऑफ लाईन है, क्योंकि ऑनलाईन ओवरऐज (अधिक उम्र) के खिलाड़ी स्वीकार नही हो सकते। इस टीम में लगभग 5 खिलाड़ी ऐसे है जोकि 9वीं या 10वीं कक्षा में पढ़ते हंै और उनका जन्म सन् 2001 से पहले का है अर्थात उम्र 15 वर्ष से अधिक है। ये खिलाड़ी उम्र के नियम का पालन नही करते।
क्रिकेट मैदान पर उपस्थित जिला सह-समन्वयक संदीप गिल ने कहा कि उन्होंने इस इंटरनेशनल स्कूल की टीम को स्क्रैच कर दिया है अर्थात टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है। वहीं एम्पायर मनोज चौधरी ने भी स्वीकारा कि आज के मुकाबले में दो ओपनिंग बल्लेबाज जोकि ओवर ऐज (अधिक उम्र ) के थे, वे आज नहीं खेले। उन्होंने बताया कि पहले के बाकी सभी मैचों में वे खेले थे और सामने वाली टीम को करारी शिकस्त दी थी। लेकिन आज उनकी टीम को हार का मुंह देखना पड़ा।
मैच में नहीं थी पारदर्शिता
जिला समन्वयक ललित कोहली जोकि डीपीएस सैक्टर-19 में बतौर शारीरिक शिक्षक कार्यरत्त हैं, उन्होंने अपनी टीम को पूल-बी में दो अन्य टीमों जोकि अपेक्षाकृत हल्की टीमें हैं, उनके साथ डाला है और पूल-ए में चार टीमों का मुकाबला करवाया है। टीम फिक्सचर बनाते समय भागीदार स्कूलों के प्रतिनिधि, खेल अध्यापक आदि को शामिल नहीं किया गया। पाक-साफ (पारदर्शी)तरीका अख्तियार नहीं किया गया।




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