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मिशन जागृति के स्वयंसेवक पीताम्बर लगते हैं जिन्हें येलो ब्रिगेड भी कहते हैं: सीमा त्रिखा

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फरीदाबाद, 6 दिसंबर:
फरीदाबाद मे यदि किसी संस्था के स्वयंसेवक सेवा करते हुए दिखते हैं तो वो है मिशन जागृति। इस संगठन के सैकड़ों सेवक पूरे फरीदाबाद मे अपनी एक खास पहचान रखते है। ये कहना था बडख़ल की विधायक श्रीमति सीमा त्रिखा का। वो आज अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस के अवसर पर फरीदाबाद-सामाजिक संस्था मिशन जागृति द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितजनों को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर सीमा त्रिखा ने मिशन जागृति के स्वयंसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मुनेश शर्मा, कविंद्र चौधरी, पंकज शर्मा, सत्यनारायन, श्रीनिवास, राकेश खटाना, मनीष त्यागी मौजूद रहे।
इस अवसर पर सीमा त्रिखा ने कहा कि नि: स्वार्थ भाव से यथासंभव जरूरतमंद की मदद करना, सेवा करना हमारे संस्कारों की पहचान कराता है। तन, मन और वचन से दूसरे की सेवा में तत्पर रहना स्वयं इतना बड़ा साधन है कि उसके रहते किसी अन्य साधन की आवश्यकता ही नहीं रहती। क्योंकि जो व्यक्ति सेवा में सच्चे मन से लग जाएगा उसको वह सब कुछ स्वत: ही प्राप्त होगा जिसकी वह आकांक्षा रखता है।
उन्होंने कहा कि मिशन जागृति जोकि पीली यूनिफोर्म में रहते हैं, के कारण ये सभी पीताम्बर लगते हैं तो कोई इन्हे येलो ब्रिगेड कहते है। पीला रंग खुशहाली, सक्रियता, संजिदगी, सामथ्र्य, हर्षोल्लास, प्रसन्नता, समाजिकता आदि का प्रतीक है। यह आपकी बौद्विकता को बढ़ाने में भी मददगार हो सकता है।
सीमा त्रिखा ने कहा कि वे पिछले कई सालों से देख रही हैं कि मिशन जागृति के वॉलंटियर बिना रुके, बिना थके नि:स्वार्थ भाव से सामाजिक कामों मे जूटे रहते हैं। आज अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस के अवसर पर मुझे ये अवसर मिला कि मैं इनके कामों के कारण सभी का सम्मान कर सकूं, ये मेरे लिए बहुत खुशी कि बात है।
अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस के अवसर पर मुकेश अग्रवाल, रजेंदर, रानी, कुसुम, मोनिका, खुशबु, शलिनी, मीता, रेखा श्रीवास्तव, सुनीता चन्ना, बीनू, दिव्या अग्रवाल, सुदेश भल्ला, रिंक, साधना, रोजी दुग्गल, सरिता चौधरी, आशीष राठोर, रेणु शर्मा, सोनल मान, शुबलेश मलिक, संजयपाल, अनिल चौहान, अरुणा चौधरी, गीता, आलोक, सचिन खनदुजा, दीपा सहदेव, राजेंद्र नागर, पिस्ता चौधरी, सुष्मिता भौमिक, विकास कश्यप, विपिन भारद्वाज, प्रभा सोलंकी, भावना चौधरी, दिनेश सिंह, गुरमीत सिंह, राजेश भूटिया, सुनीता रानी, संतोष अरोड़ा, रूपा, हरीश आहूजा, अर्जुन गौड़, हेमंत बरुआ, अशोक भटेजा, लता सिंघला, दिनेश राघव, गुरनाम सिंह, विपिन शर्मा, नीलम शर्मा, निर्दोष, महेश आर्य और विवेक गौतम को सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर मुनेश शर्मा ने कहा कि दूसरों के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का भाव रखना ही जीवन में कामयाबी का मूलमंत्र है। नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा से किसी का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है। इसीलिए मिशन जागृति के वॉलंटियर ने लोगों के दिलों मे अपनी एक खास स्थान बना लिया है, ये सभी साधुवाद के पात्र है । मुनेश ने कहा कि हमें अपने आचरण में सदैव सेवा का भाव निहित रखना चाहिए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होते हुए कामयाबी के मार्ग पर अग्रसर हो सकें।
इस अवसर पर मिशन जागृति के संस्थापक प्रवेश मलिक ने कहा कि आज यदि मिशन जागृति कि जो पहचान है वह सिर्फ हमारे वॉलंटियर कि सेवाभाव के ही कारण है उन्होँने कहा कि मुझे लगता है कि सभी वॉलंटियर से जरूर उनका कोई पुराने जन्मों का नाता रहा होगा। सभी साथी इतनी शिद्धत से सेवा करते है कि इनका कर्ज वे कभी भी नहीं उतार सकते।
प्रवेश मलिक ने बताया कि दुनियाभर में स्वयंसेवकों के योगदान को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए हर साल 5 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी दिवस मनाया जाता है। इस दिन स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वयंसेवकों के काम का जश्न मनाया जाता है। इस अवसर पर व्यक्तिगत स्वयंसेवकों और संगठनों दोनों को चिह्नित उन्हें सम्मानित भी किया जाता है।




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