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मेक इन इंडिया पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस की विवरणिका का विमोचन

प्रीति सेंगर
फरीदाबाद, 15 फरवरी: वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद के कुलपति प्रो० दिनेश कुमार ने आज मेक इन इंडिया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका विषय पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस की विवरणिका का विमोचन किया। कॉन्फ्रेंस का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में 5 से 7 मार्च तक किया जायेगा।
इस अवसर पर मानविकी एवं विज्ञान विभाग के डीन डॉ० राज कुमार इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के चेयरपर्सन डॉ० मुनीश वशिष्ठ तथा सहायक प्रोफेसर डॉ० सोनिया बंसल भी उपस्थित थी।
अपने संबोधन में प्रो० दिनेश कुमार ने कहा कि विवरणिका में नेशनल कॉन्फ्रेंस से संबंधित अहम जानकारियां दी गई है और कॉन्फ्रेंस के विषय-वस्तु को प्रस्तुत करती है। उन्होंने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस देशभर से लगभग 350 वैज्ञानिकों एवं तकनीकीविदें के हिस्सा लेने का अनुमान है। कॉन्फ्रेंस के उद्वघाटन सत्र में राज्यपाल तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो० कप्तान सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि होंगे तथा कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।
कुलपति डॉ० कुमार ने बताया कि वैश्विक निवेश प्राप्त करने रोजगार सृजित करने तथा निर्यात को बढ़ावा देने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच को प्रोत्साहित करने उद्देश्य से नेशनल कॉन्फ्रेंस का विषय मेक इन इंडिया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका रखा गया है। उन्होंने बताया कि मेक इन इंडिया अभियान के अंतर्गत विनिर्माण विकास दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि लाने आगामी दस वर्षों में विनिर्माण क्षेत्र में 100 मिलियन अतिरिक्त रोजगार सृजित करने तथा देश के सकल घरेलु उत्पाद में विनिर्माण के हिस्से को 25 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका अहम हो जाती है। जिसके लिए उचित मंच पर चर्चा होनी चाहिए और नेशनल कॉन्फ्रेंस यह अवसर प्रदान करेगा।
मानविकी एवं विज्ञान विभाग के डीन डॉ० राज कुमार ने कहा कि कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारत के विकास में विज्ञान की भूमिका कम्प्यूटर इंजीनियरिंग तथा सूचना प्रौद्योगिकी में विकास एवं नई खोज इलेक्ट्रिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मौजूदा रूझान मैकेनिकल इंजीनियरिंग की हाल की परियोजनाएं व नई खोज कौशल भारत स्वदेशी विकास में मीडिया की भागीदारी मेक इन इंडिया के मार्ग के रूप में उद्यमी विकास एवं भारत में खोज एवं आविष्कार जैसे प्रकाश डालना है।
उन्होंने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस देशभर के विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों, विद्वानों, इंजीनियरों और विद्यार्थियों को मेक इन इंडिया पर विचार एवं अनुसंधान पेपर्स रखने तथा विभिन्न गतिविधियों एवं नई खोजों से जुड़ी जानकारियां साझी करने के लिए मंच प्रदान करेगा।




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