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आगामी बजट में करों की उदारता को लेकर देखो उद्योगपति मल्होत्रा ने क्या कहा?

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 22 जनवरी:
डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जेपी मल्होत्रा ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में करों की उदारता को पीएनजी फ्यूल के संबंध में सकारात्मक नीति, गुड्स की परचेज में इनपुट टैक्स क्रेडिट संबंधी ठोस कार्यनीति जीएसटी पोर्टल का सरलीकरण करने की मांग की है। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित विशेष सेमिनार में श्री मल्होत्रा ने कहा कि फरीदाबाद 200 बड़े व 22 हजार एमएसएमई संस्थानों का शहर है, ऐसे में 1 फरवरी को प्रस्तुत होने वाला बजट फरीदाबाद के औद्योगिक जगत के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
जेपी मल्होत्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने बजट को व्यवसाय फ्रेंडली होने के साथ-साथ इसमें कर दरों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और उन्हें न्यूनतम स्तर पर लाया जाना चाहिए। श्री मल्होत्रा ने कहा कि उद्योग प्रत्यक्ष रूप से अर्थव्यवस्था व राजस्व में अपना सहयोग देते हैं, ऐसे में वोट बैंक के साथ-साथ उनकी स्थिति और उनकी आवश्यकता पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
जेपी मल्होत्रा ने कर ढांचे में सरलीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि टूरिज्म व ट्रांसपोटेशन इंडस्ट्री पर जीएसटी की दर को कम किया जाना चाहिए क्योंकि इससे सरकार को राजस्व मिलेगा युवा वर्ग को रोजगार और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ता। उन्होंने कहा कि पीएनजी, फ्यूल के संबंध में सकारात्मक नीति तैयार करने, जनरेटर सैटों के प्रयोग को लेकर उद्योग हित में नीति तैयार करने, पीएनजी के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने, पीएनजी पर इनपुट क्रेडिट देने पीएनजी पर वैट को कम करने की मांग भी श्री मल्होत्रा ने रखी।
इनपुट टैक्स क्रेडिट पर अपने विचार व्यक्त करते श्री मल्होत्रा ने कहा कि जीएसटी रिफंड को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी नीति जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी क्रेडिट यदि पोर्टल पर उपलब्ध है तो उसे तुरंत बैंक में क्रेडिट किया जाना चाहिए। उन्होंने डुईंग बिजनेस की बेहतरी के लिए कदम उठाने, रेलवे डिफेंस और स्थानीय निकायों की व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाने, एमएसएमई सैक्टर को प्रभावी बनाने की भी मांग रखी।
हरियाणा में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण को अव्यावहारिक व असंवैधानिक करार देते हुए जेपी मल्होत्रा ने कहा कि इसके विरूद्व एकजुट होकर न्यायालय का रूख किया जाना चाहिए।
जेपी मल्होत्रा ने अन-अप्रूव्ड क्षेत्रों को मान्यता देने जिन क्षेत्रों में 70 फीसदी या उससे अधिक उद्योग है, को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने, इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने उद्योगों के लिए पीएनजी की दरों के लिए ठोस नीति बनाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि पीएनजी की दरों में अहमदाबाद व फरीदाबाद में 18 से 20 रूपये प्रति यूनिट का अंतर है जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। यही स्थिति गुरूग्राम और फरीदाबाद की है जहांं प्रति युनिट 25 से 30 फीसदी का अंतर है। उन्होंने कहा कि बिजली उद्योगों की प्रथम आवश्यकता है यदि यह नियमित रूप से उद्योगों को उपलब्ध कराई जाए तो जनरेटर सैटों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
सेमिनार में पीएचडी के वरिष्ठ उप-प्रधान साकेत डालमिया, चेयरमैन इंडस्ट्रीयल कमेटी संदीप अग्रवाल, पूर्व सचिव वाणिज्य मंत्रालय अजय दुआ, सर्वश्री विपिन वोहरा, विश्वनाथ, अजय शंकर, देव गोयल, विक्रम अग्रवाल, मेहित झा, एसपी शर्मा, पवन कोहली, एसएन दुआ, चारू मल्होत्रा, मेजर जनरल एसके दत्त, एके गुप्ता, विजय राघवन और मनोज मंडल की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। धन्यवाद प्रस्ताव सौरभ सान्याल ने द्वारा प्रस्तुत किया गया।




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