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सीएम विंडो पर अब होगा शिकायतों को पूर्ण समाधान

महेश गुप्ता
चंड़ीगढ़, 16 नवम्बर:
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने आज प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों, विशेषकर अनुचित विलम्ब के मामलों की नियमित निगरानी की जाए ताकि उनका त्वरित निपटान सुनिश्चित हो सके तथा शिकायतकर्ता को पूर्ण संतुष्टि प्रदान की जा सके।
यह निर्देश मुख्यमंत्री ने सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों, मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं आधार से जुुड़ी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की समीक्षा के लिए प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों के साथ हुई एक बैठक में दिए।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वे अपने विभागों से सम्बन्धित पुरानी से पुरानी शिकायतों का निपटान करें। उन्होंने कहा आपको प्राप्त शिकायतों और उनके सम्बन्ध में की गई कार्यवाही की जांच करनी चाहिए एवं उन्हें सत्यापित करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन माह से अधिक समय से लंबित शिकायतों की समीक्षा सम्बन्धित प्रशासनिक सचिवों द्वारा की जाए और शिकायत प्राप्त होते ही तुरन्त कार्यवाही की जाए। इसके अतिरिक्त, यदि कोई दोषी है तो उसके विरूद्घ भी तत्काल कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़े विभागों में प्राप्त शिकायतों के निपटान तंत्र का विकेन्द्रीकरण किया जाए ताकि शिकायतों के निपटान में अनावश्यक विलम्ब न हो। बैठक में बताया गया कि सीएम विंडो पर 25 दिसम्बर, 2014 से लेकर अब तक 1.16 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
मुुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा की गई सभी घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाए। किसी भी योजना या परियोजना की घोषणा किए जाने से पूर्व विभागों को सम्बन्धित उपायुक्तों से परामर्श करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, जहां दो या दो से अधिक विभागों द्वारा एक साथ कार्य किया जा रहा हो, ऐसी स्थिति में एक को नोडल विभाग बनाया जाए ताकि परियोजनाओं के लागू करने में विलम्ब न हो।
बैठक में 30 अपै्रल, 2015 तक लंबित घोषणाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, राजस्व, विकास एवं पंचायत, परिवहन, शिक्षा और राज्य कृषि विपणन बोर्ड जैसे कई विभागों से सम्बन्धित घोषणाओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी घोषणा के क्रियान्वयन में भूमि हस्तांतरण शामिल है तो वह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में आवश्य भेजी जाए।
आधार से जुड़ी बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली की प्रगति की समीक्षा करते हुए मनोहरलाल ने कहा कि राज्य सरकार अपने सभी विभागों में एक बेहतर कार्य संस्कृति सृजित करना चाहती है। उन्होंने अधिकारियों को अपने विभाग के लिए एक प्रोत्साहन योजना तैयार करने एवं शुरू करने के निर्देश दिए ताकि कर्मचारियों को कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के त्वरित क्रियान्वयन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि बायोमैट्रिक उपस्थिति मशीनों के साथ छेड़छाड़ के मामलों का पता लगाने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक स्थानांतरण नीति तैयार कर रही है जिसके तहत अच्छे कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव डीएस ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉॅ० राकेश गुप्ता, पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंघल, सभी प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।




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