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आखिर क्यो? थैलासिमिया बच्चो की संख्या फरीदाबाद जिले में सबसे ज्यादा

Metro Plus से Jassi Kaur की रिपोर्ट
Faridabad News, 4 सितंबर:
फाउंडेशन अगेंस्ट थैलासिमिया जो पिछले पच्चीस सालो से कार्यरत है। संस्था की हमेशा ही कोशिश रही है जो थैलासीमिया ग्रस्त बच्चे इस दुनिया में जन्म ले चुके है वो स्वस्थ रहे। साथ ही कोशिश है वर्ष 2025 के बाद भारतवर्ष थैलासीमिया मुक्त हो जाए। इसी कड़ी में आने वाली 13 सितम्बर 2020 को एक थैलासीमिया करियर का नि:शुल्क शिविर लगाया जा रहा है। इस शिविर को लगाने में रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली साउथ सेंट्रल व प्रतिबद्ध भारतीय का पूरा सहयोग रहेगा साथ ही मुकेश अग्रवाल ने आश्वासन दिया की अक्टूबर माह में एक और शिविर का आयोजन किया जायेगा ताकि लोग टेस्ट तो करवाए इस बात की जानकारी भी समाज में जाए की सिर्फ इसी टेस्ट से ही स्वस्थ बच्चो को जन्म दिया जा सकता है। सिर्फ इसी टेस्ट से ही आप अपने परिवार को थैलासीमिया मुक्त कर सकते है। अभी तक जो बच्चे पैदा हुए है वो नासमझी के कारण ही पैदा हुए है, जानकारी का अभाव था। अब जानकारी भी है व अपने परिवार को बचाने का मौका भी। अगर ये सब होते हुए भी किसी के यह थैलासीमिया ग्रस्त बच्चा पैदा होता है तो वो बच्चा आपको माफ नहीं करेगा।
रविंद्र डुडेजा ने बताया की लोगों की सोच है वो तो स्वस्थ है हमें कोई जरूरत नहीं है। जो होगा देखा जायेगा। परन्तु जो होगा देखा जायेगा का मतलब है। एक मासूम को जीवन भर रक्त चढ़ाने के लिए पैदा करना। जानकारी होते हुए ऐसा करना एक पाप ही है। सदी के महा नायक अमिताभ बच्चन भी तो थैलासीमिया करियर है। थैलासीमिया करियर लोग दिखने में स्वस्थ ही नजर आते है। उनका थैलासीमिया करियर होना सिर्फ टेस्ट ही पता चल सकता है। अगर दोनों साथी थैलासीमिया करियर होंगे तभी थैलासीमिया ग्रस्त बच्चा पैदा होगा। हां अगर दोनों करियर है तो गर्भ में पल रहे बच्चे का आठ से दस सप्ताह की अवस्था में एक विशेष टेस्ट से पता चल जाता की गर्भ में पल रहा बच्चा किस प्रकार का है। फिर डॉक्टर की सलाह से आगे का सोचा जा सकता है। अगर साथी एक करियर नहीं है तो उनके यहां थैलासीमिया ग्रस्त बच्चा नहीं पैदा होगा।
फरीदाबाद उपायुक्त यशपाल यादव जनरल सेके्रट्री हरियाणा रेड क्रॉस डी.आर.शर्मा, सेक्रेटरी रेडक्रॉस फरीदाबाद विकास कुमार को अवगत कराया गया कि बिना जानकारी के अभाव में मौत के साए में जी रहे थैलासीमिया ग्रस्त बच्चो की संख्या में बेतहाशा बढऩा हरियाणा में सबसे ज्यादा जिला फरीदाबाद में हो रहे है। जिसके लिए उन्होंने आश्वासन दिया की जल्दी ही कोई ऐसा कार्यक्रम चालु किया जायेगा ताकि थैलासीमिया की जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। फाउंडेशन अगेंस्ट थैलासीमिया के महा-सचिव रविंद्र डुडेजा व संस्था के प्रधान हरीश रतरा ने जानकारी दी कि फाउंडेशन अगेंस्ट थैलासीमिया हर माह एक थैलासीमिया करियर/ माइनर चेक करने का नि:शुल्क शिविर लगाएगी ताकि जल्द से जल्द फरीदाबाद को थैलासीमिया मुक्त किया जा सके। ऐसा अनुमान है की सब से ज्यादा बच्चे हरियाणा में फरीदाबाद जिले में ही है।




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