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पुलिस ने मुख्यमंत्री के आदेशों का उड़ाया मजाक, खुलेआम घूम रहा है छेड़छाड़ व देह व्यापार में धकेलने की कोशिश करने वाला आरोपी बाप

बेटी ने लगाया बाप पर बलात्कार व देह व्यापार में धकेलने की कोशिश करने का आरोप
मुख्यमंत्री के आदेशों को नजरअंदाज कर रही है पुलिस, छेड़छाड़ के आरोपी घूम रहे हैं खुलेआम
मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 14 जुलाई: एक तरफ तो सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रोज कोई ना कोई कदम उठा रही है जिसके तहत प्रदेश भर में महिला थाने भी खोले जा रहे हैं ताकि महिला वर्ग सुरक्षित रहें। यहां तक कि इसके लिए सरकार कानूनों तक में बदलाव कर रही है। वो बात अलग है कि महिलाएं आज बाहर तो दूर घर में भी सुरक्षित नहीं हैं।
इसी कड़ी में हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी घोषणा की थी कि पुलिस बलात्कार के मामलों में एक महीने तथा छेडख़ानी के केस में 15 दिनों के अंदर अपनी चार्जशीट दाखिल करेगी। लेकिन सरकार के ये आदेश कागजों में ही नजर आते है, धरातल पर सरकार के ये आदेश कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री के इन आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक कलयुगी पिता ने ही अपनी बेटी को देह व्यापार के धंधे में धकेलने के लिए अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा लेकिन वो परिजनों के विरोध के चलते उसमें कामयाब नहीं हो पाया।
जी हां, हम बात कर रहे हैं एनआईटी क्षेत्र के एन.एच.-5के ब्लॉक की जहां रहने वाले एक कलयुगी बाप अजीत सिंह भाटिया ने पहले तो अपनी 22 साल की जवान बेटी सोनम कौर (काल्पनिक नाम) को देह व्यापार के धंधे में धकेलना चाहा। बेटी सोनम के ना चाहने पर जब वो अपने इस इरादे में कामयाब नहीं हो पाया तो उसने स्वयं ही अपनी बेटी का बलात्कार करने की नाकाम कोशिश की। इस मामले में एनआईटी महिला थाना पुलिस ने पीडि़ता सोनम की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के हस्तक्षेप पर जैसे-तैसे विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन सोनम के बयानों को तोड़-मरोड़कर। वहीं महिला पुलिस ने कार्यवाही के नाम पर भी कुछ नहीं किया। फलस्वरूप आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीडि़ता को यह कह कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं कि पुलिस तो उनकी जेब में रहती हैं, वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
पीडि़ता सोनम ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि एन.एच.-5के ब्लॉक में रहने वाले उसके पिता अजीत सिंह भाटिया जुलाई 2017 से उसे देह व्यापार के धंधे में धकेलना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने उस पर कई तरह के दवाब भी बनाए। इसी वजह से उसकी मां ने उसे मौसी के पास लुधियाना भेज दिया। वहां से वह कभी-कभी अपनी मां से मिलने फरीदाबाद आती रहती थी। बकौल पीडि़ता सोनम उसका बाप अजीत सिंह पेशेवर जुआरी व शराबी है। सोनम ने शिकायत में कहा है कि गत् 17 मई, 2018 को जब वह अपनी मां से मिलने आई हुई थी तो रात को करीब 2-3 बजे उसके पिता ने उसका बलात्कार करने की कोशिश की लेकिन उसके शोर मचाने पर वहां उसके भाई और मां के आ जाने के कारण वो अपने इरादे में कामयाब नहीं हो पाए। वहां मेरे पिता ने अपनी बंदुक मेरी मां की कनपटी पर लगाकर कहा कि यदि ये बात किसी को बताई तो जान से मार दूंगा। डर के मारे हमने ये बात उस समय किसी को नहीं बताई। सोनम का कहना है कि अगले दिन जब मेरी मां ने कहा कि हम पुलिस में जाएंगे तो उसके पिता ने कहा कि जिसके पास जाना है जाओ, पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसके आद वो घर छोड़कर चले गए। सोनम के मुताबिक इसके बाद वो एग्जाम देने अपनी मौसी के पास लुधियाना चली गई और वहां से जब 25 जून को वापिस अपनी मां के पास आ गई। जब मेरे पिता को मेरे वापिस आने का पता चला तो वो 26 जून को एनएच-2ई/22 में रहने वाले अपने बड़े भाई सुरेन्द्र सिंह, भतीजे रूबी व सेमी आदि को लेकर हमारे घर आ गए और मेरी मम्मी के साथ इन्होंने वहां मारपीट की तथा बुआ व फुफा तथा उनके बच्चों ने भी गाली-गलौच की। । इसकी सूचना हमने पुलिस को 100 नम्बर तथा 1091 पर दे दी लेकिन पुलिस वहां बहुत देर बाद पहुंची। बकौल सोनम उसकी बुआ ने तो पुलिस वालों के सामने यह तक कहा कि इसकी चोटी काटकर इसे कोठे पर बिठाओ।
सोनम का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में जब कोई कार्यवाही नहीं की तो उसने 27 जून को पुलिस कमिश्वर से मिलकर उन्हें अपनी शिकायत दी जिस पर कार्यवाही करते हुए एनआईटी महिला थाना पुलिस ने उसके पिता आदि पर जैसे-तैसे आईपीसी की धारा 323, 34, 354, 354ए, 506 तथा आर्मस एक्ट 27, 54 व 59 के तहत मुकदमा नंबर 26 दर्ज तो कर लिया लेकिन मेरे केस को कमजोर करने के लिए मुकदमे में उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर लिखा गया। इसी के चलते केस में वो धाराएं नहीं लग पाई जो लगनी थी।
वहीं सोनम ने बताया कि इसके बाद पुलिस अगले दिन उसे माननीय न्यायाधीश पूर्वा मेहरा की अदालत में ले गए जहां उसके 164 के बयान दर्ज हुए जहां उसने अपने बयानों में वो सभी बातें लिखवाई जोकि पुलिस ने एफआईआर में उनके बार-बार कहने पर भी नहीं लिखी थी।
सोनम का कहना है कि उनकी एफआईआर को दर्ज हुए आज 10 दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं कर रही है। वो उपरोक्त मामले में कार्यवाही पा होने पर दो बार पुलिस कमिश्रर कार्यालय भी गए हैं लेकिन उन्हें वहां साहब से मिलने नहीं दिया जा रहा। परिणामस्वरूप उसके पिता अजीत सिंह भाटिया, ताया सुरेन्द्र सिंह, उनके बेटे रोबिन सिंह व अपनदीप सिंह उर्फ सेमी, बुआ मन्जू व मनजीत कौर तथा इनके पति व बच्चों से उन्हें जान का खतरा बना हुआ है जिन्होंने कि मेरी मां से मारपीट भी की थी।
आरोपी पक्ष का बयान:-
वहीं इस मामले में आरोपी अजीत सिंह भाटिया से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे बात नहीं हो सकी लेकिन उनके बड़े भाई सुरेन्द्र सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि सारे आरोप बे-बुनियाद है। वास्तव में सारा मामला प्रोपर्टी का है जिसको दूसरा पक्ष हड़पना चाहता है।
पीडि़ता की मां का बयान:-
इस मामले में पीडि़ता सोनम की मां का कहना है कि उसका पति व जेठ बलात्कार व देह व्यापार में धकेलने की कोशिश करने के मामले से बचने के लिए इस मामले को प्रोपर्टी का बता रहे हैं जबकि ऐसा कुछ नहीं हैं। जिस प्रोपर्टी की वो बात कर रहे हैं वो तो पहले से ही मेरे नाम हैं तो फिर इस मामले में प्रोपर्टी कहां से बीच में आ गई।

आरोपी अजीत सिंह भाटिया

आरोपी अजीत सिंह भाटिया के बड़े भाई सुरेन्द्र सिंह




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