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पार्क पर अवैध कब्जे को लेकर बिल्डिंग इंस्पेक्टर और पार्षद में जमकर नोकझोंक, किसके हाथ में थी रिवाल्वर?

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फरीदाबाद, 16 अगस्त:
NIT फरीदाबाद के एनएच-2 तिकोना पार्क में आज उस समय अच्छा खासा विवाद हो गया जब सड़क पर ही सरेआम बिल्डिंग इंस्पेक्टर और एक भाजपा पार्षद में जमकर नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि जहां पार्षद ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर पर शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण होने के आरोप लगा दिए तो बिल्डिंग इस्पेक्टर ने पार्षद पर पलटवार करते हुए पार्षद और उनके भाई जोकि नगर निगम में SDO है, पर ही शहर में अवैध निर्माण करवाने के ठेके लेने के आरोप जबरदस्त तरीके से जड़ दिए। परिणामस्वरूप पार्षद को वहां से मजबूरन उल्टे पैर वापिस जाना पड़ा। बता दें कि पार्षद मनोज नासवा के भाई पद्मभूषण नगर निगम फरीदाबाद में एसडीओ के पद पर हैं जिनसे तोड़फोड़ का चार्ज निगमायुक्त ने वापिस ले लिया है। ये दोनों ही भाई स्थानीय विधायक सीमा त्रिखा के विरोधी खेमे के बताए जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ हरिकिशन वर्मा नामक व्यक्ति पर रिवाल्वर निकालकर लाने के आरोप भी मौके पर लगे थे।
ध्यान रहे कि चंद सफेदपोश लोगों की सरपरस्ती में नगर निगम क्षेत्र में आजकल अवैध निर्माणों के साथ-साथ पार्क आदि सरकारी जगह पर अवैध कब्जे करने का सिलसिला जोरों पर है। ऐसा ही एक मामला आज उस समय उजागर हुआ जब नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह एन.एच.-2 तिकोना पार्क फ्रुट मंडी में अवैध रूप से लगाए जा रहे खोके/बूथ को तोडऩे पहुंच गए और वहां बिल्डिंग इंस्पेक्टर और पार्षद में अच्छा खासा विवाद हो गया।
हुआ यूं कि नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह को किसी ने एक विडियो भेजकर शिकायत की कि एन.एच.-2 तिकोना पार्क फ्रुट मंडी के पास एक सरकारी पार्क की दीवार को तोड़कर वीटा बूथ के साथ अवैध रूप से एक खोका लगाया जा रहा है। इस पर सुमेर सिंह ने मौके-मुआयना करने के लिए वहां अपना एक निगम कर्मचारी भेजा। आरोप है कि इस निगम कर्मचारी को काम रोकने पर वहां पार्क की दीवार तोड़कर खोका लगवा रहे किसी हरिकिशन वर्मा नामक व्यक्ति ने स्थानीय पार्षद का नाम लेकर धमकाया। इसकी सूचना उक्त निगम कर्मचारी ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर को फोन पर दी तो सुमेर सिंह स्वयं ही मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि जब वहां सुमेर सिंह ने काम रूकवा खोके को लगाने से मना किया तो हरिकिशन वर्मा ने इसका विरोध किया। परिणामस्वरूप दोनों में बहस हो गई। इस पर सुमेर सिंह ने जहां एसएचओ कोतवाली को फोन कर पुलिस बुला ली वहीं हरिकिशन वर्मा ने फोन करके स्थानीय पार्षद मनोज नासवा और अपने कुछ लोगों को बुला लिया। यही नहीं, आरोप तो यह भी लगाया जा रहा है कि हरिकिशन वर्मा नामक व्यक्ति ने मौके पर खुलेआम रिवाल्वर भी हाथों में ले रखी थी ताकि सामने वाले को उनसे डर लगे, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।
बताया रहा है कि पार्षद मनोज नासवा के वहां पहुंचने पर विवाद ओर बढ़ गया क्योंकि नासवा ने अवैध कब्जेधारी के पक्ष में पहुंचे थे जबकि सुमेर सिंह पार्क में अवैध रूप से लगाए जा रहे खोके तोडऩे पर अमादा थे। विवाद इतना बढ़ गया कि मनोज नासवा ने सुमेर सिंह पर आरोप लगाते हुए वहीं नजदीक सामने बन रही एक बहुमंजिला ईमारत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह कैसे बन रही है तो सुमेर सिंह ने इस पर सीधे-सीधे मनोज नासवा के भाई जोकि नगर निगम में एसडीओ है पर तंज कसते हुए कह दिया कि इन बिल्डिंगों के बनवाने के ठेके उसके (मनोज नासवा) भाई और उन्होंने ले रखे हैं, ना कि मैने।
कुल मिलाकर पार्क की दीवार तोड़कर जो खोका लगाने की तैयारी की जा रही थी, उस पर वहां जबरदस्त आरोप-प्रत्यारोप चले लेकिन सुमेर सिंह ने हार नहीं मानी और उन्होंने पुलिस बल के साये में जेसीबी से नगर निगम के पार्क पर अवैध कब्जा धाराशायी कर दिया।
बताया जा रहा है कि पार्क की दीवार तोड़कर इस खोके/बूथ को एक महिला को लगवाने के लिए यह सारी कवायद की जा रह थी जोकि बिल्डिंग इंस्पेक्टर सुमेर सिंह ने फेल कर दी।
पार्षद और बिल्डिंग इंस्पेक्टर की सड़कों पर सरेआम आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई नोकझोंक अब क्या गुल खिलाता हैं, ये तो आने वाला समय ही बताएगा।




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