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निकिता मर्डर केस अब कोर्ट के पाले में, SIT ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट।

एसआईटी द्वारा तैयार 700 पेज की चार्जशीट में हैं 60 गवाह।
मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 5 नवम्बर:
काफी जद्दोजहद के बाद आज आखिरकार फरीदाबाद पुलिस की SIT टीम ने हाई-प्रोफाईल हो चुके निकिता हत्याकांड में दिन-रात की मेहनत एवं उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन के बाद रिकॉर्ड समय में मात्र 11 दिन के अंदर चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दिया। इसके बाद अब इस निकिता हत्याकांड केस की गेंद कोर्ट के पाले में आ गई हैं। देखना अब यह है कि कोर्ट इस मामले में दोषियों को कब तक और क्या सजा सुनाती है जिसके लिए देशभर में दोषियों का इंकाऊंटर करने और फांसी की सजा देने की मांग उठ रही है।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक चार्जशीट को डिजिटल, फोरेंसिक एवं मेटेरियल एविडेंस के आधार पर अनुभवी जांच अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया है जिसका पुलिस कमिश्रर ओपी सिंह द्वारा बारीकी से अवलोकन किया गया है। इस मामले में वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों द्वारा केस के हर लीगल पहलूओं की गहराई से स्क्रूटनी की गई। पुलिस का कहना है कि डिजिटल एवं फॉरेंसिक साइंस एविडेंस और चश्मदीद गवाह व अन्य पुख्ता सबूत के आधार पर आरोपियों को शीघ्र कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।
बता दें कि 26 अक्टूबर को पेपर देकर अपनी सहेली के साथ घर लौट रही अग्रवाल कालेज की छात्रा निकिता तोमर को अग्रवाल कॉलेज के गेट के बाहर मुख्य आरोपी तौसीफ ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात को अंजाम देने में उसका साथी रेहान भी शामिल था। दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर कार से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर थाना शहर बल्लभगढ़ में हत्या व आम्र्स एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस आयुक्त की जानकारी में आने पर उन्होंने तुरंत एसीपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की 10 टीमें आरोपियों की धरपकड़ में लगाई गई और स्वयं केस की मॉनिटरिंग करते रहे। परिणामस्वरूप मात्र 5 घंटे में क्राइम ब्रांच ने गोली मारने वाले मुख्य आरोपी तौसीफ को नुहं से गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस कमिश्रर ओपी सिंह ने वारदात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एसपी क्राइम अनिल यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच एसआईटी प्रभारी अनिल कुमार सहित अनुभवी अनुसंधान अधिकारियों को शामिल कर एक एसआईटी का गठन किया था।
वहीं दूसरे आरोपी रेहान को भी पुलिस ने नूंह से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही आरोपियों को हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए देसी कट्टा उपलब्ध कराने वाले तीसरे आरोपी अजरू को भी नूंह से गिरफ्तार किया गया व वारदात में प्रयोग गाड़ी को भी बरामद किया गया।
पुलिस कमिश्रर स्वयं केस की हर वक्त प्रगति रिपोर्ट ले रहे थे और उनके मार्गदर्शन में एसआईटी ने दिन-रात काम करके एक रिकॉर्ड समय में केस से संबंधित डिजिटल, फॉरेंसिक व मैटेरियल सबूतों और गवाहों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जिसकी पुलिस के उच्च अधिकारियों सहित कानून विशेषज्ञों द्वारा बारीकी से स्क्रूटनी की गई।
एसआईटी निरंतर जांच कार्य में जुटी रही और केस की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए हर सबूत को इक_ा करती रही ताकि आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
यहीं नहीं, पुलिस कमिश्रर द्वारा नितिका के भाई और मामा को आम्र्स लाइसेंस भी दिया गया है। इसके साथ ही परिवार के प्रत्येक सदस्य को गनमैन दिया गया है। इस केस की आई विटनेस/प्रत्यक्षदर्शी के पिता को भी गन का लाइसेंस दिया गया है। ताकि वो सभी निर्भय होकर अपने केस की पैरवी करें सके।




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