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मंथली विवाद: कोतवाली पुलिस ने शराब ठेकेदार पर कसा शिकंजा, कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज, जानिए क्या है मामला?

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 9 जून:
शहर में कोतवाली पुलिस और एक शराब ठेकेदार के बीच चल रहा मंथली विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में जहां सरदार मनेन्द्र सिंह नामक शराब ठेकेदार ने कोतवाली पुलिस के खिलाफ शासन-प्रशासन में लिखित शिकायत भेजी हैं, वहीं थाना कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार पर शिकंजा कसते हुए सिपाही दीपक की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए शराब ठेके के कर्मचारी पंकज आदि के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, जान से मारने की धमकी देने, समय सीमा के बाद भी ठेका खोलने आदि आरोपों में धारा 186, 188, 353, 506 और 34 धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक शराब ठेकेदार सरदार मनिंदर सिंह ने नीलम चौक पर शराब ठेका लिया हुआ जोकि उसको 6 जून को ही अलॉट हुआ है। बकौल मनिंदर सिंह 7 तारीख को थाना कोतवाली का एक सब-इंस्पेक्टर उनके तीन कर्मचारियों को ठेके से पकड़कर थाने में ले गया था। उनको छोडऩे की एवज में वह उनसे 20 हजार रूपये व एक शराब की पेटी मांग रहा था जिसका सेटलमेंट बाद में 10 हजार रूपये में हो गया जोकि मनेन्द्र सिंह के मुताबिक उन्होंने सब-इंस्पेक्टर को दे दिए। हालांकि मनेन्द्र का कहना था कि उन्होंने इसकी शिकायत थाना कोतवाली के एसएचओ से भी की थी।
सरदार मनेन्द्र सिंह का आरोप है कि इसके बाद सोमवार की रात को कुछ पुलिसकर्मी उनके ठेके पर आए और ठेके के बाहर बैठे उनके दोस्तों से मारपीट करने लगे। इसकी लिखित शिकायत उन्होंने ई-मेल द्वारा रात को ही मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्रर सहित संबंधित अधिकारियों को कर दी थी और आज जिला उपायुक्त से भी कर दी।
वहीं दूसरी तरफ कोतवाली पुलिस ने उक्त शराब ठेकेदार सरदार मनेन्द्र सिंह के उक्त आरोपों को झुठलाते हुए उसके कर्मचारी पंकज आदि के खिलाफ कार्यवाही कर दी है। इस बारे में जब एसएचओ कोतवाली से कई बार बात करने की कोशिश की गई तो उनसे बात ना हो सकी। जबकि पुलिस सुत्रों के मुताबिक ये सारा प्रपंच शराब ठेकेदार द्वारा महंगे ठेके लेने के कारण और उनके कर्मचारियों की पुलिसकर्मियों के साथ की गई गुंडागर्दी के खिलाफ कल रात को उक्त मुकदमा दर्ज होने के बाद आज रचा गया है ताकि वो पुलिस प्रशासन पर दबाव डालकर रात-देर रात भी सरकारी टाईम के बाद खुलेआम शराब बेचकर अपना रकम वसूल कर सकें, जिसको पुलिस किसी भी कीमत पर परमिट नहीं करेगी।
वहीं पुलिस सुत्रों का यह भी कहना था कि शराब ठेकेदार के एक साथी कमल के खिलाफ शराब तस्करी के कई मामले पुलिस थानों में दर्ज हैं और वो अब भी वही काम करना चाहते हैं जिसको पुलिस रोकती है, इसलिए शराब ठेकेदार द्वारा यह सारा ड्रामा किया गया है।
अब दोनों पक्षों के आरोपों में कहां तक सच्चाई हैं, ये तो कोतवाली पुलिस जाने या शराब ठेकेदार। लेकिन जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप एक-दूसरे पर लग रहे हैं, उस कारण यह मामला फरीदाबाद में चर्चा का विषय बन गया है खासतौर पर NIT में ।




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