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मल्होत्रा ने कहा, बढ़ी हुई कीमतों में GST की भूमिका काफी अधिक।

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 30 मई
: DLF इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने केंद्र सरकार व जीएसटी काउंसिल से वर्तमान परिवेश में एमएसएमई सैक्टर को राहत प्रदान करने के लिए जीएसटी की दरों को न्यूनतम स्तर पर लाने का आग्रह किया है। डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जेपी मल्होत्रा ने कहा है कि वर्तमान में जबकि उद्योग गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में केवल मांग को बढ़ाकर ही इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। श्री मल्होत्रा के अनुसार ऐसा तभी संभव है जब उत्पादन की कीमतें कम होंगी और उपभोक्ता उन्हें खरीदने के लिए प्रेरित होगा, जिसके लिए सबसे पहले जीएसटी की दरों को न्यूनतम स्तर पर लाया जाना आवश्यक है, क्योंकि वास्तविकता यह है कि बढ़ी हुई कीमतों में जीएसटी की भूमिका काफी अधिक है।
इस मौके पर श्री मल्होत्रा ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की अगले माह होने वाली बैठक में जीएसटी दरों में कमी लाने हेतु कारगर पग उठाने का आग्रह करते हुए जीएसटी को अपनी बेसिक कैटेगरी को न्यूनतम स्तर पर लाना होगा। श्री मल्होत्रा के अनुसार 18 प्रतिशत तक जीएसटी वास्तव में प्रोडक्ट को महंगा बना देता है, जिस पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई सैक्टर के लिए घोषित आर्थिक पैकेज की सराहना करते हुए श्री मल्होत्रा ने कहा है कि इस पैकेज से उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है, परंतु एमएसएमई सैक्टर सरकार से उम्मीद कर रहा था कि उन्हें तुरंत व शॉर्ट टर्म के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
श्री मल्होत्रा के अनुसार जीएसटी काउंसिल को जीएसटी की दरों को न्यूनतम स्तर पर लाने की प्रक्रिया अमल में लानी चाहिए, ताकि बाजार में मांग बढ़ सके और इससे मांग व आपूर्ति के सिद्धांत के अनुसार प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, जोकि वर्तमान समय में एक बहुत बड़ी आवश्यकता है। श्री मल्होत्रा ने पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा किए गए सर्वे का उल्लेख करते कहा है कि नकदी उपलब्धता के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
उल्लेखनीय है कि पीएचडी ने इस सर्वे 2800 एमएसएमई यूनिटों को शामिल किया है, जिसमें यह तथ्य उभरकर सामने आए कि नकदी की कमी के कारण एमएसएमई सैक्टर मौजूदा परिस्थितियों से नहीं उबर सकते हैं।
श्री मल्होत्रा का मानना है कि सरकार को भावी परिस्थितियों पर भी ध्यान देना होगा और अभी से यह नीति तैयार करनी होगी कि कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था विशेषकर एमएसएमई सैक्टर को किस प्रकार प्रोत्साहन दिया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि इस संबंध में केंद्र सरकार व जीएसटी काउंसिल शीघ्र ही कारगर व प्रभावी कार्य नीति का परिचय देगी और इससे एमएसएमई सैक्टर को लाभ मिलेगा।




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