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मल्होत्रा ने कहा, ऊर्जा संरक्षण आपूर्ति तथा वैकल्पिक स्त्रोतों के उपयोग के संबंध में एक महत्चपूर्ण कदम।

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 15 दिसम्बर:
ऊर्जा संरक्षण वर्तमान समय की एक बड़ी आवश्यकता है और वास्तव में इससे हम अपनी प्रक्रिया को न केवल सस्ता बना सकते हैं बल्कि प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के लिए भी अपना योगदान दे सकते हैं। डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जेपी मल्होत्रा ने ये विचार यहां एनर्जी कन्जरवेशन-डे पर आयोजित एक विशेष सेमिनार में व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण वास्तव में आपूर्ति तथा वैकल्पिक स्त्रोतों के उपयोग के संबंध में एक महत्चपूर्ण कदम है जो आज समय की मांग है।
जूम प्लेटफार्म पर आयोजित इस सेमिनार में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्री मल्होत्रा ने कहा कि हमें ऊर्जा संरक्षण के लिए विभिन्न माध्यमों को अपनाना होगा। उन्होंने उदाहरण देते कहा कि 70 फीसदी बिजली का बिल महज कुछ कदम उठाकर कम किया जा सकता है। श्री मल्होत्रा के अनुसार 40 फीसदी मोटर्स से एनर्जी कन्जरवेशन संभव है।
सेमिनार में एनर्जी एफीशिएंससी सर्विसेज लिमिटेड के महाप्रबंधक गिरिजा शंकर व सहायक प्रबंधक एन.के. झा ने नेशनल मोटर्स रिप्लेसमेंट प्रोग्राम की जानकारी दी जिसके तहत आईई-वन या टू मोटर्स को आईई-थ्री मोटर्स में बदला जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक रि-वाईडिंग पर 1 प्रतिशत एनर्जी लॉस होता है। एफआईई के डॉ० पी.पी. मित्तल ने एनर्जी कन्जरवेशन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।
विशाल मल्होत्रा ने प्रतिभागियों को बताया कि किस प्रकार एक छोटा सा कदम ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो सकता है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर सतीश गुप्ता ने उद्योग प्रबंधकों को सलाह दी कि अपने संस्थानों में बिजली के उपकरणों की नियमित रूप से जांच करे और फाल्टी लाईन से बचें।
प्रश्रोत्तरी सैशन में डॉ० पी.पी. मित्तल ने एनर्जी आडिट की आवश्यकता पर बल दिया जबकि के.के. नांगिया ने जनरेटर सैटों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान जे.पी. मल्होत्रा ने ऊर्जा संरक्षण के लिए एनर्जी कास्ट को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा इस अवसर पर डीएलएफ एनर्जी कन्जरवेशन अवार्ड 2020-21 की घोषणा भी की गई। यह अवार्ड उन उद्यमियों के लिए है जो अपने एनर्जी बिल को 5 प्रतिशत कम करेंगे, मोटर रिप्लेसमैंट प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे और सोलर पावर प्लांट की स्थापना करेंगे।
एसोसिएशन के महासचिव विजय राघवन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं का जहां आभार व्यक्त किया वहीं काफी छोटे अंतराल में एक प्रभावी सेमिनार के लिए जे.पी. मल्होत्रा की सराहना की। श्री मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के लिए ऊर्जा संरक्षण को महत्वपूर्ण करार देते कहा कि वर्तमान में जबकि कोविड-19 के कारण हम काफी चुनौतियों से जूझ रहे हैं ऐसे में एनर्जी कन्जरवेशन काफी सहायक हो सकता है।
सेमिनार में सर्वश्री सुभाष लूथरा, जे.पी. मल्होत्रा, बी.आर.भाटिया, मंधीर सिंह, एस.के. बत्तरा, रंजीत सिन्हा, बलदेव आहुजा, के.के. नांगिया, महावीर गोयल, के.के. कोहली, गुरूदर्शन, डॉ० नीलम गुलाटी, अभिषेक धूपड़, गौतम मल्होत्रा, विशाल मल्होत्रा, विजय राघवन, चारू मल्होत्रा, अशोक गुप्ता, पंकज कुमार, राधिका, अशोक गुप्ता, कीर्ति सहित कई लोग शामिल हुए।




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