BREAKING NEWS -
Rtn. Naveen Gupta: +91-9811165707 Email: metroplus707@gmail.com

अवैध प्लॉटिंग और निर्माण करने वालों पर लटकी FIR की तलवार!

अवैध प्लाटिंग और निर्माण करने वालों के खिलाफ हो सकती है FIR, निगमायुक्त ने उठाया कड़ा कदम
निगमायुक्त अनिता यादव ने DC व पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र
दोषी तहसीलदारों के खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई, निगमायुक्त अनिता यादव ने DC का लिखा पत्र
मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की खास रिपोर्ट
फरीदाबाद, 11 जुलाई:
नगर निगम फरीदाबाद की कमिश्रर अनीता यादव ने निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों और अवैध रूप से कारखानों के बड़े-बड़े प्लॉटों का सब-डिविजन कर बेचने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाते हुए इन लोगों के खिलाफ पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने को कहा है। निगमायुक्त ने इसी संदर्भ में जिला उपायुक्त को भी एक पत्र लिख कर ऐसे प्लॉटों की सभी रजिस्ट्रियों को रद्द करने और इन रजिस्ट्रियों को करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा है।
जिला उपायुक्त तथा पुलिस कमिश्रर को लिखे पत्र में निगमायुक्त ने कहा है कि उनको अपने फील्ड स्टॉफ से रिपोर्ट मिली है कि एनआईटी फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर एक, दो व तीन पर पिछले दिनों में न केवल अवैध रुप से प्लाटिंग हो रही है बल्कि बिना कानून सब-डिविजन किए इन कारखानों के बड़े-बड़े प्लॉटों को छोटे-छोटे टुकड़ो में एकाधिक बार बेच दिया गया है और उनकी रजिस्ट्री भी बिना नगर निगम की एनओसी के संबंधित तहसील से हो गई हैं।
उल्लेखनीय है कि इस संदर्भ में बल्लभगढ़ जोन के संयुक्त आयुक्त ने जुलाई-2018 में भी थाना प्रभारी मुजेसर को एक पत्र लिखा था जिसमें इसी तरह के आरोप लगाते हुए बताया गया था कि इन प्लॉटों में वेवक्त अवैध निर्माण का काम भी हो रहा है, इस कारण इन सभी लोगों के खिलाफ एफ आईआर दर्ज की जाए। अब निगमायुक्त ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर यहां पर अवैध रूप से व गैर-कानूनी तरह से सब-डिविजन करने वालों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को कहा है।
यही नहीं, निगमायुक्त श्रीमती अनीता यादव ने जिला उपायुक्त को लिखे अपने पत्र में उन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है जिनके कार्यकाल में यह गैर-कानूनी रजिस्ट्रियां हुई हैं।
यहां पर यह भी विचारणीय है कि निगम क्षेत्र में किसी प्रकार की भी रजिस्ट्री से पहले निगम से एनओसी लेना सरकार ने जरूरी किया हुआ है, बावजूद इसके तहसीलदार मिलीभगत कर बिना एनओसी के रजिस्ट्री कर देते हैं जो अवैध निर्माण करने वालों तथा सब-डिविजिन करने वालों को सहायक सिद्ध होते हैं।
लेकिन निगमायुक्त की आज की इस कार्रवाई के बाद इस धंधे में लगे लोगों में दहशत का आलम है तथा अब उनको यह लगने लगा है कि वेशक उन्होंने ले-देकर अपनी गैर-काूननी रुप से विभाजित जमीन की रजिस्ट्री करा ली हो पर उनके खिलाफ कार्रवाई बाद में भी हो सकती है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *