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अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर और आर्किटेक्ट होंगे ब्लैकलिस्ट, कसा जाएगा MCF का शिकंजा?

कई कॉमर्शियल ईमारतों के रिहायशी नक्शे कैंसिल, FIR के लिए निर्देश जारी!
मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की खास रिपोर्ट
फरीदाबाद, 1 जनवरी:
नए वर्ष शुरू होते ही नगर निगम फरीदाबाद के NIT जोन के ज्वाईंट कमिश्रर ने लगता है अवैध निर्माणकर्ताओं सहित उन बिल्डरों और आर्किटेक्टों पर शिकंजा कसने का अभियान शुरू कर दिया है जोकि जमीन का नक्शा तो रिहायशी पास कराते हैं लेकिन उन पर निर्माण बहुमंजिला कॉमर्शियल ईमारतों का करते हैं। ऐसा करके ये लोग नगर निगम और सरकार को मोटा चूना लगाने का काम कर रहे हैं। ऐसे बिल्डरों में सिख समुदाय के दो बिल्डर भी शामिल बताए जा रहे हैं जोकि एक दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंदी हैं!
बताते हैं बाकायदा इसके लिए NIT जोन के ज्वाईंट कमिश्रर ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे बिल्डरों और आर्किटेक्टों की लिस्ट बनवानी शुरू कर दी है ताकि उनको ब्लैकलिस्ट कर उन पर कार्यवाही करने के लिए सक्षम अधिकारियों को लिखा जा सके। ज्वाईंट कमिश्रर ने भी इस बात की पुष्टि की है।
बता दें कि NIT जोन में रिहायशी प्लॉटों का ऑनलाईन नक्शा संबंधित विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर पास कराकर उस पर बहुमंजिला कॉमर्शियल ईमारत बनाने का गोरखधंधा पिछले काफी समय से जारी है। इस काम में तोडफ़ोड़ विभाग के अधिकारी अपना अह्म रोल निभाते हैं। हालांकि कभी-कभार इन पर शिकायतों या सीएम विंडो के चलते दिखावे के तौर पर नाममात्र की तोडफ़ोड़ कर कागजी खानापूर्ति की जाती है।
इस बारे में जब संबंधित ज्वाईंट कमिश्रर से बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसे अवैध निर्माणों पर वे कई बार तोडफ़ोड़ करवा चुके हैं, लेकिन फिर से अवैध निर्माणकर्ता निर्माण शुरू कर देते हैं। इस बारे में वे तोडफ़ोड़ के एसडीओ और जेई को भी कह चुके हैं लेकिन वो कुछ करने को तैयार नहीं हैं। निगम कोस मामले में कोई ठोस नीति बनाने की जरूरत है।
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उपरोक्त के चलते उन्होंने चंद उन ईमारतों के वे नक्शे कैंसिल किए हैं जोकि पास तो रिहायशी करवाए गए थे, लेकिन निर्माण वहां कॉमर्शियल ईमारतों का हो रहा है। वहीं कुछेक के खिलाफ उन्होंने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए भी लिखा है।
अब देखना यह है कि गलत तरीके से ऑनलाईन नक्शे पास कराने वाले आर्किटेक्ट और उस पर बहुमंजिला कॉमर्शियल ईमारतों का निर्माण करने वाले बिल्डरों के खिलाफ संयुक्त आयुक्त का यह अभियान कहां तक सिरे चढ़ पाता है, यह भविष्य की गर्त में हैं।

कैंसिल किए गए नक्शों के पते:-

  • 5G/53, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 5N/45-A, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 5D/8-B, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 1F/41, BP, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 3E/101, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 5K/114, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 3J/1, एनआईटी फरीदाबाद।

जिन अवैध निर्माणों के खिलाफ पुलिस को FIR के लिए लिखा गया है:-

  • 5K/114, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 3J/1, एनआईटी फरीदाबाद।
  • 3E/101, एनआईटी फरीदाबाद।



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