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नगर निगम के खजाने से किया गया है गैंग रैप! जानिए किस अधिकारी ने किया MCF-ULB को कटघरे में खड़ा?

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फरीदाबाद, 11 सितंबर:
बरसात के दौरान पूरे नगर निगम क्षेत्र के जो हालात हैं, वो किसी से छिपे नहीं हैं। पूरा का पूरा शहर जलभराव के चलते जलमग्न हैं। कहीं कोई विपक्षी पार्टी का नेता इस जलभराव में बोटिंग कर शासन/प्रशासन को आईना दिखा रहा है तो पूरे फरीदाबाद में कहीं ना कहीं जलभराव में फंसी गाडिय़ां नगर निगम और स्मार्ट सिटी की पोल खोलती नजर आ रही हैं। रही सही कसर आज इस जलभराव को लेकर नगर निगम फरीदाबाद के एक सेवानिवृत अधिकारी ने नगर निगम और अर्बन लोकल बॉडी पर कई गंभीर आरोप लगाकर पूरी कर दी है।
बता दें कि नगर निगम फरीदाबाद से कुछ ही महीने पहले बतौर रिटायर हुए रतनलाल रोहिल्ला ने आज सोशल मीडिया पर यह लिखकर सनसनी फैला दी है कि फरीदाबाद नगर निगम के खजाने के साथ एक तरह से गैंग रैप किया गया है और इसी गैंग रैप की वजह से उनके फरीदाबाद नगर निगम और फरीदाबाद शहर की यह हालात हुई है। श्री रोहिल्ला ने सोशल मीडिया पर नगर निगम फरीदाबाद को लेकर अपने विचार प्रकट करते हुए लिखा है कि नगर निगम क्षेत्र में पानी भराव की जांच माननीय सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में सीबीआई या देश के ईमानदार अधिकारियों की टीम से हो जाएं तो गारंटी है कि नीचे से लेकर के उच्च स्तर तक के प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी अधिकारियों, राजनेताओं, मीडिया के कुछेक लोगों, तथाकथित समाजसेवियों, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों का बहुत बड़ा सुसंगठित माफिया सीखचों/सलाखों के पीछे होगा और अर्बन लोकल बॉडी (यूएलबी) का देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आ जाएगा। यदि शक हो तो इन लोगों की संपति की जांच करवा लो।
खेद है कि हरियाणा की अब तक की भ्रष्टतम सरकार ईमानदार लोगों को तंग कर रही है और भ्रष्ट लोगों को सम्पूर्ण सरंक्षण दे रही है। हद है कि हरियाणा सरकार में गब्बर के नाम से चर्चित शहरी स्थानीय निकाय मंत्री महोदय के विभाग में भ्रष्टाचार सिर चढ़ कर के बोल रहा है। मंत्रीजी से अनुरोध है कि उनकी स्वीकृति के बाद की गई पदोन्नतियों की जांच एक एसआईटी बनवा कर के करवा लो तो पता लग जाएगा कि आप से रूटीन में किन-किन फाईलों को निकलवाया जा रहा है।
बकौल रोहिल्ला, परम आदरणीय गब्बर सिंह जी को संबोधन करते हुए उन्होंने कहा है कि अपने 33 साल के सेवाकाल में ना तो कभी रिश्वत ली और ना ही कभी रिश्वत दी। लेकिन मंत्री महोदय का कार्यालय बेनामी और बिना तथ्यों की शिकायत पर उनकी जांच करवाने के आदेश देता है और तथ्यों के साथ की गई असली शिकायत को दबा लिया जाता है। फरीदाबाद नगर निगम के हरेक आयुक्त की सराहना और कोरोना काल में की गई उल्लेखनीय सेवाओं के बावजूद मुझे वीआरएस लेने पर मजबूर किया गया। अत्यधिक व्यापक स्तर पर फरीदाबाद नगर निगम के खजाने के साथ एक तरह से गैंग रैप किया गया है और इसी गैंग रैप की वजह से मेरे फरीदाबाद नगर निगम और फरीदाबाद शहर की यह हालात हुई है। थोड़ी सी भी शर्म हो तो जांच करवा लो और जांच हो तो सीबीआई से और माननीय सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में।
अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन रतनलाल रोहिल्ला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करवाता है या नहीं?

रतन लाल रोहिल्ला, Establishment Officer/ZTO (RETIRED), MCF, पूर्व प्रांतीय महासचिव, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा, संस्थापक महासचिव म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एम्पलाइज फैडरेशन, फरीदाबाद और पूर्व केंद्रीय कमेटी सदस्य सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा




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